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वोट लेकर भूल जाते हैं नेता और दर्द सहकर बेबस रह जाते हैं ग्रामीण

गणेश शाक्य

Bhind news: 5 साल बाद विधानसभा के चुनाव आते हैं और हर 5 साल बाद लोकसभा के चुनाव भी आते हैं। चुनाव के समय मतदाताओं को लुभाने के लिए नेताओं द्वारा तरह-तरह के वादे भी किए जाते हैं लेकिन इन वादों को पूरा नहीं किया जाता है। झूठे वादों का दंश झेल रहे स्टेशन का पुरा गांव के लोग खुद को ठगा हुआ महसूस करते हैं। दरअसल भिंड के गोहद विधानसभा के स्टेशन का पुरा गांव में रहने वाले लोग नेताओं के वादों का भरोसा करके उन्हें वोट देते हुए आ रहे हैं लेकिन एक बार जीत हासिल होने के बाद जनप्रतिनिधि वापस गांव की तरफ मुड़कर नहीं देखते हैं। कोई भी इस गांव के लोगों की गुहार सुनने को तैयार नहीं होता है। इस गांव के लोग तिल तिल कर मरने के लिए मजबूर हैं और कोई जनप्रतिनिधि उनकी सुनवाई नहीं कर रहा है। दरअसल स्टेशन का पुरा गांव के लोगों को हड्डी की गंभीर बीमारी घेर लेती है। बच्चे से लेकर युवा और बुजुर्गों तक हड्डी की बीमारी देखने को मिलती है। इस बीमारी में पैर टेढ़े होने लगते हैं और समय के साथ हड्डियां टूटने लगती है। इस गांव के हर घर में इस बीमारी के मरीज देखने को मिल जाते हैं। बैसाखियों के सहारे चलना यहां के ज्यादातर लोगों की मजबूरी बन चुका है। जब भी चुनाव आते हैं तो नेता लोकलुभावन वादे लेकर स्टेशन का पुरा गांव पहुंच जाते हैं। यहां के ग्रामीण जब नेताओं को अपनी समस्या बताते हो तो वोट मांगने वाले नेता समस्या के निराकरण करने का भरोसा देते हैं लेकिन विधायक बनने के बाद वे इस गॉव की सुध नहीं लेते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उनके गांव के पानी में कुछ ऐसा केमिकल मौजूद हैं जिसकी वजह से उनको यह बीमारी लग जाती है। कई बार गांव में नेता आए और उनसे वादे किए लेकिन उन वादों को कभी पूरा नहीं किया गया। अब तो नेताओं के प्रति ग्रामीणों के मन में गुस्सा फूटने लगा है। ग्रामीणों का कहना है कि इस बार अगर नेता वोट मांगने आते हैं तो वह सबसे पहले अपनी समस्या को हल करने की बात रखेंगे तभी किसी को वोट करेंगे।

Shining MP

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